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51 पूर्व और मौजूदा सांसद तथा विभिन्न विधानसभाओं और विधान परिषदों के कुल 71 सदस्य प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने द्वारा दायर धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों का कर रहे सामना
21 नवंबर को शीर्ष न्यायालय मामले की अगली सुनवाई 21 नवंबर को करेगा।
ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया
नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय को सूचित किया गया है कि करीब 51 पूर्व और मौजूदा सांसद तथा विभिन्न विधानसभाओं और विधान परिषदों के कुल 71 सदस्य प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने द्वारा दायर धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों का सामना कर रहे हैं।अगली सुनवाई 21 नवंबर को
शीर्ष न्यायालय मामले की अगली सुनवाई 21 नवंबर को करेगा।
ईडी ने अभियुक्त सांसदों का विवरण साझा नहीं किया
हालांकि ईडी की रिपोर्ट में इन अभियुक्त सांसदों का विवरण साझा नहीं किया गया है। रिपोर्ट में यह स्पस्ट नहीं किया गया है कि इनमें से कितने मौजूदा सांसद या विधायक हैं और कितने पूर्व। मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और व्यापारी विजय नायर भी अभियुक्त हैं। सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों के शीघ्र निपटारे के संबंध में दायर एक याचिका में न्याय मित्र नियुक्त किये गये वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसरिया ने इस संबंध में दाखिल अपनी रिपोर्ट में शीर्ष न्यायालय को यह सूचित किया है।
121 सांसदों और विधायकों के खिलाफ मामले लंबित
स्थिति रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पूर्व और मौजूदा सदस्यों सहित 121 सांसदों और विधायकों के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज मामले लंबित हैं। उच्चतम न्यायालय अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर उस याचिका पर समय-समय पर निर्देश देता रहा है, जिसमें सांसदों के खिलाफ दर्ज मामलों की त्वरित सुनवाई और सीबीआई और अन्य एजेंसियों द्वारा जांच में तेजी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है। न्याय मित्र ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उच्चतम न्यायालय के कई निर्देशों और नियमित निगरानी के बावजूद सांसदों और विधायकों के खिलाफ बड़ी संख्या में आपराधिक मामले लंबित हैं, जिनमें से कई मामले पांच साल से अधिक समय से लंबित हैं। उच्चतम न्यायालय ने पूर्व में सभी उच्च न्यायालयों को सांसदों और विधायकों के खिलाफ पांच साल से अधिक समय से लंबित आपराधिक मामलों और उनके त्वरित निपटान के लिए उठाये गये कदमों का विवरण प्रस्तुत करने को कहा था।
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