सेहत:बालों का झड़ना, पकना, रुसी, गंजापन का होमियोपैथी में है कारगर इलाज

 आधुनिकता के अंधे दौड़ में औरतों और मर्दों के बाल की सुंदरता गायब हो रही है। 
       आजकल बाल के कई प्रकार के रोग आम हो गए हैं बाल झड़ना, पकना , टूटना रौनक ना होना जिसके वजह से आत्माग्लानी,  हीनभावना घेर लेती है। ज्यादातर लोगों को किसी ना किसी रोग में एंटीबायोटिक, केमिकल, जहरीली ली दवाई लेनी होती है, रासायनिक पेय पदार्थों का सेवन, शुद्ध तेल से बालों का मालिश ना करना, कॉस्मेटिक शैंपू जैसे केमिकल दवाओं के प्रयोग से तत्कालीन फायदा होता है। जिससे धीरे-धीरे बाल की कुदरती सुंदरता नष्ट हो जाती है। बालों का ब्लीच करना, साबुन का प्रयोग करना, आपके बाल के साथ आपके मन को, मस्तिक को नुकसान पहुंचाता है। आजकल घर में तरह-तरह के जहरीली वस्तुओं का प्रयोग जैसे मच्छर भगाने के लिए मेट, क्वाइल का प्रयोग करके अपने शरीर के रस रक्त में जहर घोलना, हर्बल जड़ी बूटियों का प्रयोग ना करना, लुभावने विज्ञापन के चक्कर में पड़कर, माडलो के पैसा कमाने की धोखा बाजी का शिकार होकर तरह-तरह के नुकसान दायक ऑयलो का प्रयोग कर  लगातार रासायनिक खाद के प्रयोग से ऊपर बने खेत जैसे अपने सर का बाल और मस्तिक को नुकसान पहुंचा कर असाध्य रोग भी मोल लेकर अपने बहुमूल्य जिंदगी को नरक तुल बनाता है। आप बाल के लिए, सेहत के लिए, खान पान रहन सहन सही रखें। जरूरत पड़े तो निम्नलिखित होम्योपैथिक दवाऔ का प्रयोग करें ।
 (1)दवा का नाम फास्फोरस:- 30- शरीर के कई भागों में जलन, नमकीन चीजें पसंद करना, रोगी ठंडे पेय चाहता है सर में रूसी, बाल गुच्छे के गुच्छे झड़ते है, सर का बाल जगह जगह गोलाकार में झड़े, अत्यधिक खुजली। ठंडा पानी से धोने में आराम इन लक्षणों के साथ बाल पकने लगता है।

(2).फ्लोरिक एसिड 30,200:- रूसी दाद जैसा परत दर परत निकलना और बाल झड़ कर चाण्दील  होना, बाल टूट जाना, चर्म क्षय ,अस्थिक्षय, उपदंश के कारण बाल का रोग ।

 (3)लाइकोपोडियम-30,200:-  अत्यधिक बाल झड़ना, पकना पैट में पेशाब, भूख ज्यादा लगे मगर खाना थोड़ा खा पाये ।
(4).एसिड फॉस-30,200:-दुख चिंता मानसिक अवसाद वीर्य नष्ट होने से सिर ,भौं पर पलकों तथा जननागो का बाल झड़े और पके।
(5) थूजा-200,:-सफेद रूसी, बालों का झड़ना, टूटना, सिर का चर्म खुश्क ।
(6) नेट्रम म्यूर -30:-रोगी नमक ज्यादा पसंद करें। गर्भावस्था में बाल झड़ना, सिर दर्द, खुजली ‌। मलेरिया या टाइफाइड के बात बाल झड़े और पके।
(7) सिपिया:--बालों की जड़ में दर्द, रोगी चिड़चिड़ा, क्षय रोग या यकृत रोग के कारन बाल झड़ना। खुजली खुजवाने से आराम ना मिले।
(8) काली फॉस -30:-थकावट और स्नायविक दुर्बलता के कारण बाल सफेद हो जाये , सर का बाल लाइन से पकना ।

(9) मेडोरिन-200, 1एम. -गोनोरिया, साइकोसिस दोष या वात रोग के कारण  बालों का झड़ना, बाल खुश्क पीला या सफेद होना ।
(10) सल्फर-30-:-चर्म खुश्क, खुजली, जलन, नहाना पसंद नहीं ,बाल झड़ना।
(11) सोरिनम 200:-रूसी, बदबुदार, परत दर परत बाल झड़ना।
12) पायलोकारपस-200:- बाल सफेद होने में ऊपर की दी हुई दवा विफल हो तो उपयोग करें।
(13)ऑस्टिलगो 30:-उपदंश के कारण बाल झड़ कर चाणदिल हो यदि चेहरा या अन्य जगह अनचाहे बाल हो तो थूजा, ओलियम जाकर उपयोग करें। धातु गत लक्षणानुसार कैल्केरिया कार्ब पर विचार करें। 
उन्होंने कहा कि कोई भी इलाज चिकित्सकों की सलाह से ही इस्तेमाल करें। उन्होंने अपना मोबाइल नंबर 9204090774 जारी किया ।
          डॉ लक्ष्मी नारायण सिंह
          होमियोपैथी अस्पताल
          फतुहा, पटना (बिहार)

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