बच्चों के रोगों में होमियोपैथी कि अन्य रोगों की भांति असीमित क्षमता

बच्चों बच्चों के रोगों में होमियोपैथी कि अन्य रोगों की भांति असीमित क्षमता पर संदेह नहीं किया जा सकता,हमें वैसे  बच्चों के रोगों में उतनी ही कारगर है जितनी किसी और रोग में। डॉ लक्ष्मी नारायण सिंह ने कहा है कि होम्योपैथिक विद्या अर्जित अथवा जन्मजात दोनों ही प्रकार के बीमारियों को समूल आरोग्य करके बच्चे के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करने की अपनी क्षमता में अद्वितीय है। यहां तक कि गहरी जड़ों वाली वंशानुक्रमिक प्रवृत्तियों पर भी होम्योपैथिक औषधि से नियंत्रण किया जा सकता है यद्यपि उसे एक ही पीढ़ी से समूल नष्ट करना शायद संभव ना हो विश्व विख्यात डॉक्टर जेपी जिसने कहा था की जो बच्चे होमियोपैथी चिकित्सक की देखरेख में बढ़ते हैं वह यक्षमा अथवा वृक्कशोथ (ब्राइट्स डिजीज) से पीड़ित नहीं होते उनका स्वास्थ्य सुव्यवस्थित हो जाता है और वह वृद्धावस्था के कारण ही मृत्यु प्राप्त करते हैं अथवा अपनी व्यापारिक समस्याओं के कारण ही वे स्वाभाविक रूप से थकते हैं।
दरअसल आवश्यकता इस बात की है की सफलतापूर्वक उपचार करके होम्योपैथिक दवा की 
 जनसाधारण को बार-बार परिचित कराया जाए और उन्हें अटूट विश्वास पैदा किया जाए। डॉ लक्ष्मी नारायण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हममें से जो लोग चिकित्सा की वास्तविक विज्ञाना अनुमोदित कलाकार अनुसरण करते हैं अंधों की दृष्टि प्रदान करते हैं, बिच्छू को सचेतन बना देता है हम विभिन्न प्रकार के रसोइयों ट्यूमर को समाप्त करते हैं वह शरीर के रूद्र नलिकाओं को खोलते हैंऔर जीवनी शक्ति के कारण शरीर के रोग ग्रस्त बड़े हुए अंगों को भी सामान्य अवस्था में ला देते हैं ।यह हम पर है कि हम असाध्य रोगों की सीमाएं कम करें और जनसाधारण को स्वास्थ्य संभावनाओं से अवगत कराएं क्योंकि हम विज्ञान की उस वास्तविक धारा का अनुसरण करते हैं जो अवसाद से साध्य की ओर प्रभावित होती है। यहां पर लक्षणों के आधार पर दवा के बारे में जानकारी देते हैं।
(1) होम्योपैथिक का  ऑक्सीजन (एन्टि टार्ट) पैदा हुए नवजात में यदि जीवन का कोई लक्षण मौजूद न हो यानि बच्चे मुर्दे जैसे  हो तो आप होमियोपैथी का ऑक्सीजन  एन्टि टार्ट 30 का प्रयोग करें। यह दवा शरीर की रक्षा करने वाले तत्वों  को शीघ्र ऑक्सीजन पहुंचाकर उन्हें सबल और सक्रिय बना देता है।(2) पैदा हुए नवजात को यदि  पेशाब बहुत देर तक ना उतरे तो आप क्रमशः एकोनाईट नेपेलस 6, बेलाडोना 6,कैंथरिस 6 का स्वविवेक के साथ प्रयोग करें।
(3) नवजात शिशु यदि मां का स्तनपान न करें तो आप बेहिचक चाइना 30 या प्रयोग करें।(4) नवजात के नाभि में यदि जख्म बना रहे मवाद चलता रहे तो आप कैलेंडुला मदर टिंचर  नाभि पर साफ करके लगाएं तथा साईलिसिया 6, आर्सेसनिक6या एब्रोटेनम 6में से किसी दवा का आवश्यकतानुसार प्रयोग करें।
(5) नवजात का बदन और आंख यदि पीला पड़ जाए यानी जॉन्डिस का लक्षण हो जाए तो सर्वप्रथम बच्चों की महाऔषध 6 प्रयोग करें फायदा ना होने पर मर्क  सोल 6और चाइना 6का पर्यायक्रम से प्रयोग करें।(7) बच्चों को यदि कब्ज की शिकायत हो तो नक्स वॉमिका का प्रयोग किया जा सकता है।पोडोफाइलम और चेलिडोनियम भी इस रोग में प्रयोग किए जा सकते हैं।(8) बच्चों को कांच निकलने की शिकायत हो तो आप एलो, 
फोडोफाइलम तथा एसिडम्युर में से किसी को भी आवश्यकता अनुसार इस्तेमाल कर सकते हैं।
(9) योनि द्वार बिहीन  बालिका - ग्रैफाइटिस 50 M प्राय दो तीन माह में सामान्य हो जाएगा।(10) जन्मजात दिमागी कमजोरी रहने पर- कारसीनोसीन 200 , मेडोरीनम200 यह दोनों बहुत कारगर दवा है।(11) बच्चा जन्म के समय लंबा समय तक दस्त नहीं होना- एकोनाइट नेपेलस 30 बेलाडोना 30 बहुत कारगर है। (12) बच्चा क्रुर -एनाकार्डियम 30 बहुत कारगर है।(13) बच्चा विध्वनशक प्रवृत्ति का तोड़ता तोड़ता है-टैरेण्डुला 30।(14) बच्चा शर्मिला प्रवृत्ति का-ऐन्टिम क्रूड 200, हायोसायमस 200, बैराइईटा कार्ब 200 यह तीनों दवा कारगर है।(15) नैतिक ज्ञान  की कमी चोरी करना ,झूठ बोलना, ज्ञान की बातें अच्छा नहीं लगना है ओपियम 1M बहुत कारगर दवा है।(16) बच्चा शर्मिला मां के सारी से लिपटा रहना पलसेटिला30,साईलिसया 30, एकोनाइटीन 200 यह बहुत कारगर दवा है।(16) बच्चा रात को रोए, दिन में सोए,, उदास प्रवृत्ति लड़ना, झगड़ना,  याद नहीं रहना - लाइकोपोडियम 200 यह बहुत कारगर दवा है। (17) विकास में कमी रहने पर- कैलकेरिया कार्ब30 नेट्रम म्यूर 30 वैराईटा कार्ब 30 कारगर दवा है।(18) बच्चा हॉस्टल में रहना नहीं चाहता -कैप्सिकम200 बहुत कारगर दवा है।(19) लीवर ग्रस्त रहना -मेडोरिनम 200, लाइकोपोडियम 200 बहुत कारगर दवा है।(20) क्रोधी ,जिद्दी, मांग नहीं मानने पर बेहोशी, पेशाब करना आदि कैमोमिल 30 बहुत कारगर दवा है।(21) लार बहना ,जिद्दी, निर्दयी, अन्य बच्चों को मारपीट करना परिवार में टीवी रोग का इतिहास रहना सिफीलिनम CM महीना में एक बार लेना है।(22) धमकी देने वाला, आज्ञाकारी -ट्यूक्रियम मेरी वेरी 10 Mसप्ताह में एक बार लेना है।(23) कीसी  का प्रवाह न करना जो मन में आए वही करना सल्फर CM महीना में एक बार लेना है।
(24) किसी को भी चाकू मारने का इच्छा है-प्लैटिना 200 बहुत कारगर है।(25) आग में धकेलने की इच्छा-एलाटेरिस रियूबेनस   200 बहुत कारगर दवा है।(26) गोली मारने की इच्छा-एलुमिना 200 बहुत कारगर दवा है।
(27) किसी को मार डालने की इच्छा ओपियम200, नक्स वॉमिका200, हिपर सल्फर, मरक्यूरियस 200, हायोसायमस 200,बहुत कारगर दवा है।(28) प्यार में असफल होने पर आत्महत्या का इच्छा-इग्नेशिया, नेट्रम म्यूर2000, एसिड फास 200 हायोसायमस 200 बहुत कारगर दवा है।
कोई भी दवा चिकित्सक की सलाह से ही इस्तेमाल करें।
डॉ लक्ष्मी नारायण सिंह
होम्योपैथिक अस्पताल
फतुहा, पटना ( बिहार)
फोन 9204090774

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