पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त राशन योजना को तीन महीने तक और बढ़ाने का फैसला

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 4 प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला किया है. अनुराग ठाकुर ने बताया कि देश भर में नवरात्रों की शुरुआत हो गई है. त्यौहारों के दौरान लोगों में खुशियां होनी चाहिए इसलिए पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त राशन योजना को तीन महीने तक और बढ़ाने का फैसला लिया है. इससे 122 लाख मीट्रिक टन अनाज खर्च होगा और 80 करोड़ लोगों को फायदा होगा. इस पर कुल 44,762 करोड़ रुपये का और खर्च होगा. 

मुफ्त राशन योजना से 80 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ

बता दें कि, मार्च 2020 में कोविड राहत योजना के रूप में मुफ्त राशन वितरण योजना शुरू की गई थी. ये योजना 30 सितंबर को खत्म हो रही थी. इस योजना के तहत, लगभग 80 करोड़ लोगों को प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं या चावल और एक किलो साबुत चना मुफ्त दिया जाता है. ये मुफ्त राशन इन लाभार्थियों की मासिक सब्सिडी वाले राशन से अतिरिक्त है. सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार इस स्कीम को और तीन महीने का अवधि विस्तार देने से खजाने पर 44,762 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इस स्कीम के तहत एनएफएसए के अंतर्गत आने वाले लाभुकों को हर महीने पांच किलोग्राम मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया जाता है। पीएमजीकेएवाई योजना के तहत अब तक सरकार 1,003 मीट्रिक टन खाद्यान्न का वितरण कर चुकी है।

कोरोना काल में शुरू हुए इस स्कीम के कार्यान्वयन पर सरकार अब तक के छह फेज में सब्सिडी के रूप में 3.45 लाख रुपये खर्च कर चुकी है। अब सातवें फेज के लिए इस योजना को अवधि विस्तार देने से इस योजना पर कुल 3.91 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। 

अब तक छह चरणों में गरीबों को किया गया है मुफ्त खाद्यान्न का वितरण 

देश में इस योजना के तहत पिछले 25 महीनों से गरीबों का मुफ्त राशन मुहैया कराया जा रहा है। इस अब इस योजना के छह चरण पूरे हो चुके है। अब सितंबर 2022 से दिसंबर 2022 के बीच इस योजना के सातवें चरण का कार्यान्वयन किया जाएगा। 

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