ज्ञानवापी परिसर स्थित श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन के मामले पर जिला जज अदालत ने मुस्लिम पक्ष की अपील की खारिज

काशी विश्वनाथ धाम में ज्ञानवापी परिसर स्थित श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन के मामले पर जिला जज अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि मामला सुनने योग्य है। काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र-ज्ञानवापी परिसर छावनी में तब्दील है।  
कमिशन रिपोर्ट पर अगली सुनवाई 
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि कमिशन रिपोर्ट पर अगली सुनवाई होगी। उन्होंने कहा कि कोर्ट से मांग करेंगे कि दीवार तोड़कर सर्वे का काम कराया जाए। ज्ञानवापी की कार्बन डेटिंग की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने भगवान आदि विश्वेश्वर की मंदिर तोड़कर मस्जिद बनवाई थी। हिंदुओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए। 
हिंदू समाज को बहुत बड़ी जीत मिली
हिंदू पक्ष के पैरोकार सोहन लाल आर्य ने कहा कि आज हिंदू समाज को बहुत बड़ी जीत मिली है। अगली सुनवाई 22 को होगी। ज्ञानवापी मंदिर के लिए यह मील का पत्थर है। हम सभी लोगों से शांति की अपील करते हैं।
मुस्लिम पक्ष जिला जज के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल करेगा। उसके अधिवक्ता मो. रईस, मुमताज अहमद व मेराजुद्दीन ने कहा कि फैसला न्यायोचित नहीं है। हम फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। अदालत ने संसद में पारित कानून को दरकिनार कर फैसला दिया है।
सभी पक्ष संयम और विवेक से कार्य करें
ज्ञानवापी मामले में महिला वादियों के पैरौकार व विश्व वैदिक संघ से प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन ने कहा कि संपूर्ण सनातन समाज को प्रथम जीत की मंगलमय शुभकामनाएं। सभी पक्ष संयम और विवेक से कार्य करें। अति उत्साह में देश की शांति व्यवस्था ना बिगड़े इस बात का विशेष ध्यान रखें। हर-हर महादेव।
कोर्ट का फैसला 26 पेज में 
जिला जज ने मुस्लिम पक्ष के आवेदन रूल 7 नियम 11 के आवेदन खारिज किया। मुख्य रूप से उठाये गए तीन बिंदुओं प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट, काशी विश्वनाथ ट्रस्ट और वक्फ बोर्ड से इस वाद को बाधित नहीं माना और श्रृंगार गौरी वाद सुनवाई योग्य माना। जिला जज ने 26 पेज के आदेश का निष्कर्ष लगभग 10 मिनट में पढ़ा। इस दौरान सभी पक्षकार मौजूद रहे। कोर्ट ने श्रृंगार गौरी वाद की जवाबदेही दाखिल करने और ऑर्डर 1 रूल 10 में पक्षकार बनने के आवेदन पर सुनवाई करेगी। 
हिंदू पक्ष में खुशी की लहर, हर-हर महादेव के नारे
ज्ञानवापी स्थित श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन और विग्रहों के संरक्षण को लेकर फैसला दिया है, जिससे हिंदू पक्ष में खुशी की लहर फैल गई है। कोर्ट को आज यही फैसला करना था कि यह याचिका सुनने योग्य है या फिर नहीं। वहीं मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी गई है। जज ने जैसे ही आदेश दिया, हर-हर महादेव के नारे लगने लगे। 

कोर्ट ने हिंदू पक्ष के हक में फैसला सुनाया
कोर्ट ने हिंदू पक्ष की अपील स्वीकार कर ली है। मामले में अब अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। कोर्ट में मुस्लिम पक्ष फैसले के दौरान मुस्लिम पक्ष मौजूद नहीं था।

कोर्ट ने कहा कि मामला सुनने योग्य
वाराणसी जिला जज अदालत ने ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि मामला सुनने योग्य है। 
ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी प्रकरण में जिला जज की अदालत का फैसला तैयार हो चुका है। सूत्रों के अनुसार 15 से 17 पेज का हो सकता है फैसला। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला जज की अदालत में श्रृंगार गौरी मामले पर 24 अगस्त को सभी पक्षों की तरफ से बहस पूरी कर ली गई थी।
ज्ञानवापी के फैसले को लेकर प्रदेश भर में पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में है। लखनऊ और आजमगढ़ समेत प्रदेश के कई शहरों में पुलिस फ्लैग मार्च किया। लखनऊ पुलिस आयुक्त एसबी शिरोडकर ने कहा कि आज महत्वपूर्ण फैसला आने वाला है। हमलोगों ने फ्लैग मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था की निरीक्षण किया। 

शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की करेंगे मांग 
हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि अगर फैसला हमारे पक्ष में आता है तो फिर हम एएसआई सर्वे और शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि फैसला हमारे पक्ष में आएगा। 
अदालत के फैसले से पहले ज्ञानवापी परिसर और धाम क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर चार (बांसफाटक) पर कमांडों को तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों में ब्रज वाहन के साथ ही पुलिस और पीएसी कर्मियों को तैनात किया गया है। मदनपुरा, बजरडीहा, रेवड़ी तालाब, धरहरा, नई सड़क, दालमंडी, शिवाला समेत अन्य इलाकों में पुलिस टीम लगातर गश्त कर रही है। एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार और इंस्पेक्टर भेलूपुर रमाकांत दुबे क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं। 
18 अगस्त 2021 को पांच महिलाओं ने शृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन और विग्रहों की सुरक्षा को लेकर याचिका दायर की थी। इस पर तत्कालीन सिविल जज सीनियर डिविजन रवि कुमार दिवाकर ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर ज्ञानवापी का सर्वे कराने का आदेश दिया था। 16 मई 2022 को सर्वे की कार्रवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 23 मई 2022 से इस मामले में जिला कोर्ट में सुनवाई चल रही है। 

Top