बिहार मंत्रिमंडल का विस्तार, राजद में एम-वाई का ख्याल,जदयू में जातीय संलुन की कोशिश और कांग्रेस में दलित-मुस्लिम को तरजीह

विस्तार में राज के 16,जदयू के 11,कांग्रेस के 2 और हम-निर्दलीय 1-1 शामिल 
पटना,16 अगस्त। बिहार में पांच वर्षों के बाद  महागठबंधन सरकार की वापसी के बाद नीतीश कुमार ने आज अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 31 विधानमंडल सदस्यों को मंत्री बनाया है। विस्तार में राजद के 16,जदयू के 11,कांग्रेस के 2 और हम-निर्दलीय 1-1 मंत्री शामिल किये गये हैं।विस्तार में  राजद में एम-वाई का ख्याल,जदयू में जातीय संलुन की कोशिश और कांग्रेस में दलित-मुस्लिम को मिली तरजीह  मिली है। अब सीएम सहित 33 सदस्यीय मंत्रिमंडल में 8 यादव, दलित-6, मुस्लिम-5, कुशवाहा- अति पिछड़ा -राजपूत पिछड़े 3-3 , कुर्मी-भूमिहार 2-2 और ब्राह्मण -1 हैं।
नीतीश मंत्रिमंडल में जातीय संख्या के हिसाब से  सबसे ज्यादा 9 यादव मंत्री बने हैं। राजद ने डिप्टी सीएम सहित 7 जबकि जदयू ने 1 यादव को मंत्री पद दिया है। वहीं नीतीश कुमार के अलावा कुर्मी जाति से 1 मंत्री बने हैं। दलित समुदाय को मंत्रिमंडल में 6 संख्या के साथ बड़ी हिस्सेदारी मिली है. इसमें राजद के 2, जदयू के 2 जबकि हम और कांग्रेस के एक –एक दलित मंत्री बने हैं. वहीं सवर्ण समुदाय में सबसे ज्यादा राजपूत बिरादरी के 3 मंत्री बने हैं जिसमें राजद और जदयू से एक-एक जबकि निर्दलीय से 1 राजपूत को मंत्री बनाया गया है।कुशवाहा समुदाय के तीन और अति पिछड़ा से 3 मंत्री बने हैं भूमिहार जाति से 2 मंत्री बने हैं जिसमें राजद और जदयू के 1-1 मंत्री हैं।वहीं ब्राह्मण समुदाय से सिर्फ 1 मंत्री जदयू से बने हैं.।
पिछड़ा और अति पिछड़ा समुदाय को भी मंत्रिमंडल में बड़ी हिस्सेदारी दी गई है. इसमें सभी दलों ने अल्पसंख्यक समुदाय में मुस्लिमों पर बड़ा दांव लगाया है कुल 5 मुस्लिम मंत्री बनाए गए हैं.।
मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को जोड़कर कुल 33 लोग मंत्रिमंडल में शामिल हैं। बिहार में सीएम सहित  36 मंत्री हो सकते हैं।
मंत्री बनने वालों में राजद से तेज प्रताप यादव- यादव, आलोक मेहता- कुशवाहा, सुरेन्द्र यादव- यादव, रामानंद यादव- यादव, ललित यादव- यादव, कुमार सर्वजीत- दलित (पासवान), समीर महासेठ- बनिया, चन्द्रशेखर (यादव), अनीता देवी- नोनिया – अति पिछड़ा , जितेन्द्र कुमार राय- यादव, सुधाकर सिंह- राजपूत, कार्तिक सिंह – भूमिहार, इसराइल मंसूरी- अल्पसंख्यक, शमीम अहमद- अल्पसंख्यक, सुरेन्द्र राम- दलित, शहनवाज आलम अल्पसंख्यक हैं. 

जदयू से विजय कुमार चौधरी- भूमिहार, बिजेंद्र यादव- यादव, अशोक चौधरी- दलित, श्रवण कुमार- कुर्मी, लेसी सिंह- राजपूत, संजय झा-ब्राह्मण, मदन सहनी- सहनी, शीला मंडल- अति पिछड़ा, सुनील कुमार- दलित, जयंत राज-कुशवाहा, जमा खान – अल्पसंख्यक हैं. 

कांग्रेस में अफाक आलम- अल्पसंख्यक, मुरारी गौतम- दलित हैं. वहीं हम से संतोष सुमन दलित जबकि निर्दलीय सुमित सिंह –राजपूत हैं. 

*इन 18 जिलों को नहीं नसीब हुआ एक भी मंत्री*
नीतीश सरकार में जो जिले बिना प्रतिनिधित्व के रह गए उनमें अरवल, औरंगाबाद, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, जहानाबाद, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मुंगेर, नवादा, सहरसा, शिवहर, सीतामढ़ी, सिवान और पश्चिम चंपारण शामिल हैं।

   


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