बिहार में मैट्रिक का रिजल्ट आया, 79.88  प्रतिशत हुए पास
प्रथम श्रेणी में 424597 , द्वितीय श्रेणी में 
510411 और  तृतीय श्रेणी में 347637 छात्र सफल

पटना 31 मार्च । बिहार विद्यालय परीक्षा समिति परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है. बिहार में इस बार मैट्रिक के नतीजों में 79.88  प्रतिशत बच्चों ने सफलता हासिल की है. बिहार में मैट्रिक टॉपर बनने का श्रेय लड़की को मिला है. मैट्रिक की परीक्षा में औरंगाबाद की रामायणी राय टॉपर बनी हैं. दूसरे नम्बर पर नवादा की सानिया कुमारी और मधुबनी के विवेक कुमार ठाकुर रहे हैं. तीसरे स्थान पर औरंगाबाद की प्रज्ञा कुमारी रही हैं.

बिहार टॉपर रामायणी को  500 में 487, नवादा की सानिया और विवेक ठाकुर जो कि दूसरे स्थान पर हैं को 500 में 486 नंबर मिले हैं. टॉप 5 में पटना की एक छात्रा शामिल है, हांलाकि टॉप 3 में पटना के एक भी स्टूडेंट शामिल नहीं हैं. 
 शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने शाम के 3 बजे रिजल्ट की घोषणा की. बिहार में मैट्रिक की परीक्षा में कुल 12,86,971 परीक्षार्थी उतीर्ण हुए हैं. कुल उतीर्ण छात्रों की संख्या 6,78,110 और कुल उतीर्ण छात्राओं की संख्या 6,08,861 है. खास बात ये है कि टॉप 5 में 4 छात्राओं ने अपनी जगह बनाई है.

बिहार में मैट्रिक के नतीजों में टॉप 10 में कुल 47 स्टूडेंट शामिल हुए हैं. बिहार बोर्ड मैट्रिक का रिजल्ट परीक्षा से महज 34 दिनों बाद आया है. रिजल्ट जारी कर बीएसईबी ने देशभर में सबसे पहले रिजल्ट जारी करने का रिकॉर्ड बनाने जा रहा है. बिहार बोर्ड 10वीं की परीक्षा में लगभग 17 लाख छात्र शामिल हुए थे. बोर्ड द्वारा लगभग 85 लाख कॉपियों का मूल्यांकन किया गया था.

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इस बार महज 34 दिनों में रिजल्ट जारी कर के नया रिकॉर्ड बनाया है. बोर्ड की परीक्षा में पिछले साल यानी 2021 में 78.17 फीसदी बच्चे पास हुए थे. इस बार के नतीजे पिछले साल से बेहतर रहे हैं.

सरकार मैट्रिक स्तर पर मेधा को प्रोत्साहित करने के लिए फर्स्ट टॉपर को एक लाख रुपए, लैपटॉप और किंडल ई बुक रीडर प्रदान करेगी। सेकेंड टॉपर को सरकार 75 हजार रुपए , एक लैपटॉप और किंडल ई बुक रीडर देगी। थर्ड टॉपर को सरकार 50 हजार रुपए ,एक लैपटॉप और किंडल ई बुक रीडर देगी।

मैट्रिक के रिजल्ट में इस साल टॉपर्स की संख्या पिछले साल से आधी हो गई है। पिछले साल जहां टॉप-10 की सूची में 101 स्टूडेंट्स ने जगह बनाई थी, तो इस साल घटकर मात्र 47 रह गई है। पिछले साल इस सूची में 36 छात्राएं थी, जो इस साल घटकर मात्र 15 रह गई हैं। 2020 में कुल 41 छात्र-छात्राओं ने टॉपर्स की सूची में जगह बनाई थी। तब 41 में सिर्फ 10 यानी 25 फीसदी ही छात्राएं शामिल थीं।

टॉप-10 में सिमुलतला का जलवा थोड़ा कम

टॉप-10 में शामिल 47 स्टूडेंट्स में 6 बच्चे अकेले जमुई के हैं, जिनमें 5 छात्र सिमुलतला आवासीय विद्यालय के हैं। नेतरहाट की तर्ज पर स्थापित सिमुलतला आवासीय विद्यालय जमुई 2015 से लगातार मैट्रिक रिजल्ट में टॉपर देता रहा है। इसके अलावा औरंगाबाद और समस्तीपुर जिले के 4 स्टूडेंट्स, भागलपुर, शिवहर भोजपुर, मुंगेर और गया के 3-3 स्टूडेंट्स शामिल हैं।

7 साल बाद टॉपर को 97% से ज्यादा अंक

7 साल बाद मैट्रिक टॉपर का अंक 97% से ज्यादा आया है। टॉपर रामायणी रॉय को 487 अंक मिले हैं। इससे पहले 2015 में मैट्रिक में टॉपर रहे कटिहार के कुणाल और नालंदा के नीरज को 487 अंक यानी 97.4 प्रतिशत अंक मिले थे। पिछले साल से इस बार टॉपर के मार्क्स 3 अंक अधिक रहे। पिछले साल के तीनों संयुक्त टॉपर पूजा कुमारी, शुभदर्शिनी और संदीप कुमार को 484 अंक मिले थे। 2020 के टॉपर हिमांशु राज को 481 अंक मिले थे। बिहार बोर्ड में अब तक सबसे अधिक अंक का रिकॉर्ड 97.4 है।




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