चारा घोटाले के पाचवें मामले में  लालू प्रसाद  को 5 साल की सजा और 60 लाख रुपये का जुर्माना
रांची,21 फरवरी।  चारा घोटाले के सबसे बड़े डोरंडा ट्रेजरी मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद  को 5 साल की सजा सुनाई गयी है। वहीं उनके ऊपर 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।लालू को चारा घोटाले मामले में अब तक साढ़े 32 साल की सजा सुनायी गयी है. लगभग 950 करोड़ के इस घोटाले मामले में उन पर 1.65 करोड़ का जुर्माना भी लग चुका है.लालू प्रसाद पर चाईबासा कोषागार से जुड़े पहले मामले में पांच साल की सजा और 25 लाख का जुर्माना लगा था. इस कोषागार से 37.70 करोड़ अवैध निकासी की गयी थी. देवघर कोषागार से 89.27 लाख की अवैध निकासी के मामले में उन्हें साढ़े तीन साल की सजा और दस लाख का जुर्माना लगा था.
चाईबासा कोषागार से 33.13 करोड़ की अवैध निकासी में लालू प्रसाद को पांच साल की सजा और दस लाख का जुर्माना लगाया गया है. लालू प्रसाद को सबसे अधिक सजा दुमका कोषागार से अवैध निकासी में मिली है. सीबीआई कोर्ट ने इस मामले में आईपीसी और पीसी एक्ट में दोषी करार देते हुए दोनों धाराओं में सात- सात साल की सजा सुनायी है.

 सोमवार की दोपहर करीब 1:58 बजे सजा की घोषणा की गई। लालू प्रसाद के अलावा चारा घोटाला के इस बड़े मामले में 37 अन्‍य दोष‍ियों को भी सजा सुनाई गई है।लालू समेत 40 दोषियों को इस केस में कोर्ट ने 15 फरवरी को दोषी करार दिया था। अधिवक्ता का कहना है कि सजा की आधी अवधि पूरी हो गई है, इसलिए लालू को हाईकोर्ट से जमानत मिलने की उम्मीद है। कुल 40 लोगों को सजा सुनाई गई। 5 लोगों को 5 साल, 3 लोगों को 3 साल तथा कुल 32 लोगों को 4-4 साल की सजा दी गई।
पिछली सुनवाई में अनुपस्थित रहे दो लोग आज कोर्ट में हाजिर हुए। उन्हें भी जेल भेज दिया गया। वित्त सचिव वेक जूलियस को सबसे कम एक लाख रुपए जुर्माना और 4 साल की सजा दी गई है। केएम प्रसाद और लालू प्रसाद को रिम्स में रहते हुए सजा सुनाई गई। त्रिपुरारी मोहन प्रसाद को 2 करोड़, मोहम्मद शाइद को डेढ़ करोड़ रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई।

चारा घोटाला के पांचवें  मामले मे भी लालू को सजा मिली है। तीन मामले में पांच-पांच, एक मामले में साढे तीन वर्ष और एक मामले में सात वर्ष की सजा हुई है। अब और एक केस की पटना की सीबीआई कोर्ट मे सुनवाई हो रही है।
इससे पहले सीबीआई कोर्ट  में डोरंडा ट्रेजरी मामले में दोषियों की हाजिरी हुई. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लालू प्रसाद यादव रिम्स से ही हाजिर हुये। वहीं बाकी दोषियों के होटवार जेल से जुड़ने की व्यवस्था की गयी थी। लालू प्रसाद  फिलहाल होटवार जेल नहीं जाएंगे। उनका रांची के रिम्स में इलाज चल रहा है, अभी उनकी सेहत के हिसाब से वहीं रखे जाने की बात कही जा रही है।सजा के ऐलान के बाद लालू यादव के प्रसाद यादव के वकील बताया कि लालू यादव इस मामले में करीब आधी सजा यानि 2.5 साल की अवधि पूरी कर चुके हैं।इसलिए वह कोर्ट में अब सिर्फ आधी सजा को पूरा करने की इजाजत देने के लिए अपील करेंगे। लालू प्रसाद  की सजा के ऐलान से पहले रिम्स और झारखंड हाई कोर्ट के बाहर राजद नेताओं और समर्थकों की काफी भीड़ थी। समर्थक उम्मीद कर रहे थे कि लालू प्रसाद की तबीयत खराब है, वह कई बीमारियों से ग्रसित हैं, इसलिए उन्हें कम से कम सजा मिले। लालू प्रसाद को 5 साल की सजा और 60 लाख रुपये जुर्माना सुनाये जाने के बाद से मायूसी है।
सबसे कम 1 लाख का जुर्माना लगाया गया

डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में मंगलवार को लालू प्रसाद समेत पांच लोगों को पांच पांच साल की सजा सुनायी गयी है. अदालत ने एक लाख से लेकर दो करोड़ का जुर्माना दोषियों पर लगाया है. पांच साल से अधिक की सजा पाने वालों में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद, पूर्व ‌विधायक आरके राणा, पशुपालन विभाग के पूर्व अफसर कृष्ण मोहन प्रसाद और आपूर्तिकर्ता मो सईद शामिल हैं. सबसे अधिक दो करोड़ का जुर्माना आपूर्तिकर्ता त्रिपुरारी मोहन प्रसाद पर लगा है.
आपूर्तिकर्ता मो सईद और पशुपालन विभाग के पूर्व अफसर कृष्ण मोहन प्रसाद पर डेढ़-डेढ़ करोड़, आपूर्तिकर्ता दयानंद कश्यप, बीबी सिन्हा पर एक करोड़ का जुर्माना लगा है. सबसे कम जुर्माना एक लाख रुपये का अदालत ने लगाया है. सबसे कम तीन साल की सजा और दो लाख जुर्माना तीन आरोपियों पर लगा है.



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