सेहत:स्तन रोग में होम्योपैथी दवा है कारगर

नारी सौंदर्य में स्तन का बहुत महत्व होता है। स्तन का स्वस्थ एवं पुष्ट होना ना सिर्फ स्त्री के सौंदय में चार चांद लगाता है बल्कि स्तन पान करने वाले बच्चे को पूर्ण संतुष्टि प्रदान करता है। अज्ञानतावश अधिकतर महिलाएं अपने स्तनों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझती नतीजतन  स्तन  संबंधी अनेक समस्याओं से उन्हें जूझना पड़ता है ।कई बार स्तन कैंसर जैसे जानलेवा बीमारी से भी उन्हें दो-चार होना पड़ता है। अतः स्तन रोग के बारे में प्रत्येक स्त्री को जागरूक होना चाहिए किसी भी असामान्य स्थिति में चिकित्सक या स्त्री रोग विशेषज्ञ से निसंकोच उन्हें अपनी समस्याओं को बता कर उसका सही उपचार करना चाहिए
स्तन संबंधी प्राय सभी समस्याओं का समाधान होम्योपैथिक चिकित्सा  द्वारा संभव है।
1-स्तन का विकसित होना सामान्यत: 11 से 12 वर्ष की उम्र में लड़कियों की स्तनों विकास प्रारंभ हो जाता है लेकिन कुछ लड़कियों में यौवनावस्था पूरा प्रारंभ होने के बाद भी स्तनों का स्वभाविक विकास नहीं हो पाता है जिस कारण उन्हें हीन भावना आ जाती है और वह उपेक्षित महसूस करते हैं इन लड़कियों को चिंता त्याग कर अपने शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारने के उपाय करने चाहिए तथा पौष्टिक भोजन एवं व्यायाम नियमित रूप से करना चाहिए होम्योपैथिक दवा लेसीथिन 3 एक्स 2 ग्रेन तीन बार रोज देने तथा साथ में सेवाल सेरुलेटा क्यू  20 बूंद तीन बार रोज कुछ दिनों तक सेवन करने से स्तनों का विकास स्वाभाविक रूप से होने लगता है तथा स्तन उन्नत,और  सुडौल हो जाते हैं।
2- प्रसव के बाद स्तनों में दूध का कम आना जिन स्त्रियों में प्रसव के बाद प्रर्याप्त मात्रा में दूध नहीं बनता है तो उन्हें निम्न होमिपैथिक  दवाओं का सेवन करना चाहिए (क)आर्टिका यूरेनस क्यू इस दवा को 15/20 बूंद हल्के गर्म पानी के साथ प्रत्येक 4 घंटे पर देते रहने से दूध बढ़ जाता है।
(ख)होम्योपैथिक दवा रिसीनस कम्यूनिस क्यू इस दवा का प्रभाव भी स्तन पर व्यापक है इससे कुछ दिनों तक लेने से दूध पर्याप्त मात्रा में बनने लगता है मात्रा 20 बूंद सुबह - साम  लेना चाहिए।
(ग) ऐसाफीटिडा 3या 6नम्बर का प्रसव के बाद दूध देर से उतरे या फिर धीरे-धीरे कम हो जाता जाए तो यह दवा बहुत कारगर है।दोनों से कोई एक दवा दो बूंद तीन बार रोज  लेना चाहिए
(3) दूध के दूषित होने पर अगर दूध बहुत पतला हो एवं बच्चे पोषण के लिए अपर्याप्त हो तो दवा मर्क सोल 30 एक बूंद सुबह शाम सेवन करना चाहिए। यदि मां का दूध खट्टा, कड़वा या पीले रंग का हो तो रियुम 6  चार चार घंटे पर देना चाहिए। अगर दूध का स्वाद अच्छा ना हो और बच्चा उसे पीने से इंकार कर दे तो सल्फर 200 एक बार रोज सुबह में कुछ दिन लेने से ठीक हो जाएगा।
(4) बच्चे को दूध छुड़ाने पर भी स्तनों में दूध भर आने पर पल्सेटिला 30या 200 देने से लाभ मिलता है।(ख) कैलरिया कार्ब 30/200 यह दूध बढ़ाने में कारगर है‌।
(ग) स्तनों में दूध सुखाने के लिए लैक कैनाईम 1M दिया जा सकता है।
 (5) स्तन में फोड़ा हो जाना पर (क)बेलाडोना, ब्रायोनिया, फाइटोलैका, हिपर सल्फर, साइलेसिया  लक्षणों के आधार पर दी जा सकती है
(6) स्तनों में दर्द का दवा  सैगुंनेरिया 30  छाती के स्तन में दर्द हो जो कि गहरा सांस लेने पर तेज हो जाए एवं पेट तक महसूस हो तथा दर्द के कारण हाथ ऊपर उठाना मुश्किल हो  या मासिक धर्म शुरू होने के पहले स्तनों के दर्द में भी दवा उपयोगी है।(7)पलसेटिला 30मासिक श्राव कम होने के साथ स्तनों में दर्द रहने पर यह दवा काफी कारगर है
(8)एक्टिया रेसीमोसा 30 यह दवा अविवाहित लड़कियों के बाएं स्तन में छाती के बीच के भाग में दर्द रहने पर यह दवा काफी उपयोगी ।
(9) ग्रैफाइटिस 30 स्तनों में सूजन के साथ चूचूक के फट जाने की अवस्था जिससे गोंद सा श्राव हो  तो इस दवा कारगर है।
(10) कोनियम मैकुलेटम 30 स्तन कठोर हो जाए छूने में दर्द हो परंतु जोर से दबाने पर ठीक लगने इस दवा से लाभ मिलता है यह  अविवाहित स्त्रियों के स्तन दर्द में भी कार्य करें
(11) स्तन में गांठ होने की शिकायत  बहुत आम  है यदि गांठ कड़ापन के साथ दर्द रहने पर ब्रायोनिया एल्बम ‌200 एवं कोनियम मैकुलेटम 200 बहुत कारगर है
12-लड़कों में लड़कियों की तरह स्तन का विकास होना। नवयुवकों में कई बार लड़कियों के स्तन का विकास होने लगता है जिससे उन्हें शर्मिंदगी उठानी पड़ती है मुख्यत: यह अंतस्रावी ग्रंथियों द्वारा अनियमित श्राव के कारण होता है ऐसे युवकों को पिट्यूटरी 3 एक्स दवा एक ग्रेन  सुबह शाम कुछ माह तक लेना चाहिए साथ ही कोनियम 1M सप्ताह में एक खुराक या थूजा 10 एम दवा महीना में दो बार लेना चाहिए।यदि कड़ापन ज्यादा रहे तो कैल्केरिया फ्लोर 200 एक बूंद एक बार रोज लेना चाहिए।यह बहुत कारगर दवा है। कोई भी दवा चिकित्सक के सलाह से ही  इस्तेमाल करें?इसका लेखक अपना फोन नंबर भी जारी किया है। डॉ लक्ष्मी नारायण सिंह
होम्योपैथिक अस्पताल फतुहा, पटना(बिहार)
फोन9204097774

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