कबीरा गर्व न कीजिये, कबहू न हंसिये कोय... महंत ब्रजेश मुनि महाराज

पटना -कबीरपंथी आश्रम मीठापुर के कबीर साई मंदिर प्रांगण में सद्गुरु कबीर साहेब प्राकट्य महामहोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित कबीर कथा के पांचवें दिवस पर कथावाचक आचार्य गद्दी कबीर पीठ फतुहा के संरक्षक आचार्य मंहथ ब्रजेश मुनि महाराज ने कबीर कथा में सद्‌गुरु कबीर साहेब का प्रसंग बताते हुए कहा कि कबीरा गवं न कीजिये, कबहू न हंसिये कोय। अजहू नाव समुंदर में, न जाने क्या होय...।
सद्‌गुरु कबीर साहेब कहते हैं, हे मनुष्य. कभी भी स्वयं पर अभिमान मत कर, अहंकार को त्याग दे, अपने अंदर की मैं का नाश कर, घमंड में मत जी, कभी भीदूसरों का मजाक मत बना, क्योंकि तेरा जीवन विशाल समुंद्र में तैर रही उस नाव के समान है, जिसकीकिसी भी समय कोई भी हानि हो सकती है, कोई नहीं जानतां कब इस जीवन रूपी नाथ के साथ क्या घटित
हो जाए, इसीलिए सदैव उस ईश्वर को याद रखना चाहिए और भले कर्म करने चाहिए।
इसलिए जीवन में कभी भी गर्व नहीं करना चाहिए
इस अवसर पर आश्रम के संत करसन मुनि, महेश मुनि, डॉ इंद्रजीत कुमार एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति थी

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