जयराम रमेश का बड़ा आरोप , गृह मंत्री अमित शाह ने 150 डीएम को किया कॉल।
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निरंजन
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को होने वाली मतगणना से पहले  150 डीएम को कॉल किया है।  चुनाव आयोग ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश को उनके इस बयान को लेकर उन्हें पत्र लिखा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को होने वाली मतगणना से पहले जिलाधिकारियों को कॉल किए और उन्हें धमकाया। इसके एक दिन बाद रविवार को भारत चुनाव आयोग ने कहा कि किसी भी अधिकारी ने किसी भी तरह के "अनुचित दबाव" बनाए जाने की सूचना नहीं दी है। आयोग ने कांग्रेस नेता रमेश से आज शाम 07:00 बजे तक अपने आरोप के समर्थन में विवरण मांगा है ताकि कार्रवाई की जा सके।
   जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहाकि गृह मंत्री आज सुबह से जिला कलेक्टर से फोन पर बात कर रहे हैं। अब तक 150 जिलाधिकारियों से बात हो चुकी है। डीएम को इस तरह से खुल्लम-खुल्ला धमकाने की कोशिश निहायत ही शर्मनाक और अस्वीकार्य है। याद रखिए कि लोकतंत्र जनादेश से चलता है , धमकियों से नहीं। जून 04 को जनादेश के अनुसार नरेन्द्र मोदी , अमित शाह के साथ भाजपा सत्ता से बाहर होंगे और यहां इंडिया जनबंधन विजयी होगा। पदाधिकारियों को किसी प्रकार के दबाव में नहीं आना चाहिए साथ ही संविधान की रक्षा करनी चाहिए। वे निगरानी में हैं।"
चुनाव आयोग ने कहा कि वरिष्ठ नेता होने के नाते रमेश ने यह सार्वजनिक बयान उन तथ्यों के आधार पर दिया होगा जिन्हें वे सही मानते हैं। चुनाव आयोग ने जयराम रमेश को लिखे गए पत्र में कहा है कि " इस संबंध में यह ध्यान देने योग्य है कि आदर्श आचार संहिता के लागू होने की अवधि में सभी अधिकारी आयोग की प्रतिनियुक्ति पर माने जाते हैं और वे किसी भी निर्देश के लिए सीधे आयोग को रिपोर्ट करते हैं। हालांकि किसी भी डीएम ने आपके द्वारा लगाए गए किसी भी अनुचित प्रभाव की सूचना नहीं दी है। जैसा कि आप जानते हैं , वोटों की गिनती की प्रक्रिया प्रत्येक आरओ को सौंपा गया एक पवित्र कर्तव्य है और आपके द्वारा दिए गए ऐसे सार्वजनिक बयान संदेह पैदा करते हैं। इसलिए व्यापक जनहित में इस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।" चुनाव आयोग ने कहा है कि " इसलिए एक राष्ट्रीय पार्टी के जिम्मेदार , अनुभवी और बहुत वरिष्ठ नेता होने के नाते आपको मतगणना के दिन से ठीक पहले तथ्यों और सूचनाओं के आधार पर ऐसा सार्वजनिक बयान देना चाहिए जिसे आप सच मानते हैं। अनुरोध है कि उन 150 डीएम का ब्यौरा , जिन्हें गृह मंत्री की ओर से कथित रूप से इस तरह के कॉल किए गए हैं , आपके द्वारा दी गई जानकारी के तथ्यात्मक आधार के साथ आज यानी 02 जून को शाम 07 बजे तक साझा किया जाए ताकि समुचित कार्रवाई की जा सके।" 
    उधर एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत के अनुमानों के बाद  केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस तरह के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि "भारत के गृह मंत्री किसी जिलाधिकारी को फोन नहीं करते। गृह मंत्री राज्य के मुख्यमंत्री से बात करते हैं।"

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