जी-20 की अध्यक्षता संभालने के साथ ही भारत गरजा , 50 शहरों में होगी 200 से ज्यादा बैठकेंब,ताई जाएगी 75 वर्ष की उपलब्धियां।
डा.निरंजन कुमार की रिपोर्ट 

भारत सरकार , शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव ने पत्र लिखकर सभी राज्य के शिक्षा विभाग को दिया निर्देश।
स्कूली बच्चों को जी-20 समूह और भारत की अध्यक्षता की दें जानकारी और पढ़ाएं विषयांकित पाठ
नेशनल डेस्क

नई दिल्ली,04 दिसंबर। 
भारत जी20 देशों का 01 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक अध्यक्ष पद पर आसीन रहेगा। इसका एलान पहले ही हो चुका था। उसने बीते एक दिसंबर को औपचारिक रूप से इसकी अध्यक्षता ग्रहण की। इस मौके को खास बनाने के लिए केंद्र ने विशेष तैयारी की थी। इस दरम्यान देश भर में 100 से अधिक स्मारकों पर जी-20 के लोगो को दिखाया गया। अध्यक्षता ग्रहण करने के बाद और जी20 शिखर सम्मेलन तक देश भर के 50 शहरों में 200 से अधिक बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इनमें से कुछ बैठकों की मेजबानी करने के लिए देश के उन हिस्सों का चयन किया गया है जिनके बारे में लोगों को बेहद कम जानकारी है।  इसके पीछे पीएम मोदी का उद्देश्य है कि सभी जिलों और प्रखंडों को जी20 से जोड़ा जाए और इसके विजन को जनभागीदारी के जरिए जन - जन तक संदेश पहुंचाया जाए। 
      जी20 की अध्यक्षता का एलान होने के बाद पीएम मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जी20 के नए लोगो , थीम और वेबसाइट का अनावरण किया। पीएम ने इस मौके पर गरजते हुए कहा कि जी-20 का यह लोगो केवल एक प्रतीक चिन्ह नहीं है बल्कि यह एक संदेश है। यह एक भावना है , जो हमारी रगों में है। यह एक संकल्प है , जो हमारी सोच में शामिल रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एक दिसंबर से भारत जी20 की अध्यक्षता कर रहा है। भारत के लिए यह एक ऐतिहासिक अवसर है। इसलिए इस समिट की वेबसाइट , थीम और लोगो को लांच किया गया है। उन्होंने इस अवसर पर देशवासियों को बहुत - बहुत बधाई दी।   
    भारत जी-20 में संस्कृति , सांस्कृतिक विरासत , विविधता , 75 वर्षों की अपनी उपलब्धि और प्रगति को भी पेश करेगा। विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के अनुसार भारत अपनी अध्यक्षता में अगले साल 09 और 10 सितंबर को जी-20 के नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। विदेश मंत्रालय के मुताबिक कार्यक्रम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। भारत जिस बड़े पैमाने पर सम्मेलन के आयोजन की रूपरेखा तैयार कर रहा है उतने बड़े पैमाने पर अब तक जी-20 की बैठक नहीं हुई है। चीन में 14 और इंडोनेशिया में 25 शहरों में जी-20 की बैठक आयोजित की गई थी।
    उधर भारत सरकार , शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव ने पत्र लिखकर बिहार समेत देशभर के शिक्षा विभाग को जी-20 समूह  और भारत की अध्यक्षता के बारे में स्कूली बच्चों को विस्तृत जानकारी दिए जाने का संदेश दिया है। संयुक्त सचिव ने प्रेषित पत्र के जरिए कहा है कि जी-20 में भारत के अलावे अर्जेंटीना , ऑस्ट्रेलिया , ब्राजील , चीन , फ्रांस , जर्मनी , इंडोनेशिया , इटली , जापान , मेक्सिको , रूस , सऊदी अरब , दक्षिण अफ्रीका , दक्षिण कोरिया , तुर्की , यूनाइटेड किंगडम  और संयुक्त अमेरिका शामिल है। इसका कोई स्थायी अध्यक्ष नहीं होता है। इसकी अध्यक्षता हर साल अलग - अलग देशों को मिलती है। भारत जी-20 का 01 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक अध्यक्ष पद पर काबिज रहेगा। इस दरम्यान विभिन्न शहरों में 200 से ज्यादा बैठकें आहूत की जाएगी। 09 और 10 सितंबर 2023 को शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा , जिसमें दुनिया भर के नेता शामिल होंगे।
        संयुक्त सचिव ने बताया कि भारत की जी-20 अध्यक्षता के लोगो में राष्ट्रीय फूल कमल के ऊपर पृथ्वी को दर्शाया गया है जो प्रकृति के साथ सद्भाव में रहने का प्रतीक है। भारत की अध्यक्षता का थीम "वसुधैव कुटुंबकम " यानी एक पृथ्वी - एक कुटुंब - एक भविष्य है। यह आदर्श पंक्ति महा उपनिषद से लिया गया है। जी-20 की अध्यक्षता भारत के अमृतकाल की शुरुआत का प्रतीक है। यह अमृतकाल देश की आजादी के 75 वीं वर्षगांठ से शुरू होकर आजादी के सौंवे वर्ष तक यानी 25 वर्षों की अवधि तक अनवरत जारी रहेगा।
     संयुक्त सचिव ने स्कूली बच्चों को जी-20 से सम्बंधित उक्त जानकारी दिए जाने के साथ इससे सम्बंधित विषय - वस्तु भी प्रेषित किया है। विस्तृत जानकारी के लिए पत्र और विषय - वस्तु संलग्न है :

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