बिहार में सत्तारूढ राजग में विवाद, सरकार के भविष्य पर उठने लगे सवाल
राबड़ी देवी ने विधान परिषद में यह भी पूछ डाला कि स्पीकर आखिर विधानसभा में क्यों नहीं आ रहे हैं? तब कार्यकारी सभापति को यह कहना पड़ा कि हो सकता है उनकी तबीयत ठीक नहीं हो इसके बाद राबड़ी देवी ने बीजेपी के सदस्यों को भी खरी-खोटी सुना देवी ने कहा कि आप लात-जूते खाकर भी सरकार में बने रहे।
रात होने पर मुख्यमंत्री और विधानसभाध्यक्ष की मुलाकात हुई। उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी,स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय भी सीएम-स्पीकर मुलाकात में शामिल ह।घंटाघर बाद  नेताओं ने मनभेद 
दूर होने से संतुष्ट दिखे।
 
अरुण कुमार पाण्डेय 
बिहार में सत्तारूढ राजग के घटक दलों में विवाद को लेकर राजनीति गरमा रही है । सरकार के भविष्य पर सवाल उठने शुरु हो गये हैं। एक ओर वीआईपी ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है । वहीं  विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के बीच कहासुनी  को लेकर मुख्य विपक्षी दल राजद  हमलावर हो गया ।वहीं भाजपा और जदयू एक दूसरे के आमने सामने आ गए हैं।
राजद विधायक  मंगलवार को काली पट्टी लगा कर विधानसभाध्यक्ष के समर्थन में आ गये । कहा- मुख्यमंत्री  सदन में माफी मांगें। उन्होंने आसन और सदन की मर्यादा तार-तार कर दी है। सदन के अधिकार को चुनौती दी है। आसन के काम में हस्तक्षेप किया है। सभाध्यक्ष को डांट पिलाई फटकार सुनाई है। पूरे दिन सदन की कार्यवाही बाधित रही। विधानसभाध्यक्ष पूरे दिन अपने कक्ष में रहे पर सदन में आसन पर नहीं आये । विधानसभा के विशेषाधिकार समिति की बैठक की।सदस्यों की अपेक्षाकृत कम उपस्थित होने कारण 25 मार्च को बैठक की नयी तिथि तय हुई।
जदयू कोटे के विधायक उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी के सदन में मौजूद दिखे । परंतु अध्यक्षीय आसन पर पीठासीन सदस्य के भूमिका पूर्व मंत्री प्रेम कुमार ने निभाई। 
 आज सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ  ही विपक्ष हंगामा करने लगा। जिसके बाद सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी । उसके बाद फिर  4.50 बजे तक कार्यवाही स्थगित कर दी गयी। स्पीकर के समर्थन में विपक्ष के साथ भाजपा सदस्यों ने भी हंगामा किया। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार का बजट भाषण हंगामें की भेंट चढ़ गया।
 विपक्ष के सारे सदस्य काली पट्टी बांधकर विधानमंडल पहुंचे । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और बिहार में तानाशाही शासन चलाने का विरोध किया। 
विपक्षी सदस्यों ने कहा कि मुख्यमंत्री जिस तेवर में  कल विधानसभा के अंदर अध्यक्ष पर शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे वह कहीं से भी एक मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता है। अध्यक्ष  सदन का नेता होता है। उनका सम्मान करना सबके लिए जरुरी है।

 

 

 


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