वृद्धावस्था में होनेवाले होमियोपैथ में  है कारगर इलाज
वृद्धावस्था, होमियोपैथ में  है कारगर इलाज
होम्योपैथ वृद्धावस्था में ही नहीं बाल्यावस्था और युवावस्था का भी बहुत बड़ा सहारा है, सहज और सुलभ, बहुत कारगर है। इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है इसलिए यह निरापद है मैंने इस अवस्था में अपने पर बहुत सी दवाओं का सफल प्रयोग किया है उसका मूलभूत दवाओं का उल्लेख है मैं यहां कर रहा हूं
1-पेट खराब,गरिष्ठ भोजन,अपच, दर्द आदि समस्याओं का प्राथमिक उपचार  होमियोपैथी दवा नक्स वॉमिका 30 एक -एक  बूंद तीन बार रोज इस्तेमाल करें। यह पेट के लिए महाऔषधि है‌।
2-पेट में गैस की समस्या हो तो लक्षणानुसार नक्स वोमिका 30, कार्बो वेज 30,चाइना 30या लाइकोपोडियम 30 बहुत कारगर दवा है।
3-पेट में दर्द दवा नक्स वोमिका 30 या कोलोसिंन्थ 30 दोनों से एक एक बूंद तीन बार रोज लेना चाहिए।
4-पक्षाघात(लकवा) में नक्स बोमिका 30, जेल्सीमियम 30, कास्टिकम 30-200, कोनियम मैकुलेटम लक्षणानुसार इस्तेमाल करें।
5-कंधे व बांह में दर्द होने पर  दवा बेलाडोना 200 एक बूंद एक बार रोज लें।
6-आंख की पेशियों का पक्षाघात- फाइसोटिगमा 30 एक बूंद तीन बार रोज लेना चाहिए।
7-मुंह का पक्षाघात बात न कर सके -कॉस्टिकम 30,200 इस्तमाल करें 
8-जीभ का पक्षाघात- कास्टिकम 30,200 इस्तेमाल करें
9-मूत्राशय का पक्षाघात- कास्टिकम 200 जेल्सीमियम 200 
10-पेशाब करते समय जलन- कैन्थरिस 30 इस्तेमाल करें।
11- ठंड लगकर पक्षाघात- डल्कामारा  30 ,200।
12-बुढ़ापे में कमजोर नाड़ी- जेल्सीमियम 30 एक बूंद तीन बार रोज लेना चाहिए।
13-वृद्धावस्था में जब झुक कर चलने लगे दवा मेजेरियम 30 एक बूंद तीन बार रोज लेना चाहिए।
14-प्रोस्टेट बढ़ना रात्रि में बार बार पेशा होना-सैबाल सेरुलेटा क्यू 10 बूंद तीन बार रोज लेना चाहिए।
15- वृद्धावस्था में अचानक शरीर सुखता जाता है। हृदय कांपता है- दवा आयोडियम 30 एक बूंद तीन बार रोज लेना चाहिए।
16-बुढ़ापे में कमर दर्द हो तो रस टक्स 30,200।ब्रायोनिया 30,200चलने फिरने में ठीक , उठने बैठने में दर्द जेल्सीमियम 30,200।
17-वृद्धावस्था में शारीरिक क्षीणता बढ़ती जाने पर लाइकोपोडियम 1M सप्ताह में एक बार लेना चाहिए।
18-वृद्धावस्था में पैर भारी लगना, चलते समय ठोकर लगना -लोको मोटर एटैक्सी -लैथारिस 30 एक बूंद तीन बार रोज लेना चाहिए।
19-वृद्धावस्था में पैर भारी लगना, चलते समय ठोकर लगना- लोको मोटर एटैक्सी 30,लैथारिस 30  एक बूंद तीन बार रोज लेना चाहिए।
20-खून में कमी के कारण हाथ की शक्ति कम हो जाती है बोविस्टा 3,6 एक बूंद तीन बार रोज लेना चाहिए।
21-सर में चक्कर-काकुल इंडिका 30,नक्स बोमिका 30 एक बूंद तीन बार रोज लेना चाहिए।
22- वृद्धावस्था में स्मरण शक्ति  घटना बैराइटा कार्ब 30 एक बूंद तीन बार रोज लेना चाहिए।
23-वृद्धाव्स्था में सर कांपना जिंकम मेटालिकम  30,200,1M सर्वोत्तम दवा है।
24- वृद्धों को परेशान करने वाले खांसी सेनैगा क्यू 5 बूंद तीन बार रोज लेना चाहिए
25-वृद्धाव्स्था में पेशाब रुकना - सालिडेगो क्यू 10 से 15 बूंद तीन चार बार रोज लेना चाहिए।
26- हृदय रोग की महा महाऔषधि- क्रेटिगस क्यू ,यह एक हार्ट टौनिक है,छाती में दर्द,हर्ट फेल्योर की आंशका में 5 से 15 बूंद तक आवश्यकता अनुसार जल्दी जल्दी इस्तेमाल कर सकते हैं।
27-भय जनित अथवा हार्ट फेल की आंशका में प्राण रक्षक -ऐमोनियम कार्ब 30 एक बूंद तीन बार रोज लेना चाहिए।
28- दिल के दौरे के बाद पूण : दौरे की आशंका में लट्रोडैक्स 12 एक्स दिन में दो तीन बार देते रहने पर दौरा नहीं पड़ता है।
29-अंत में मैं कहना चाहता हूं कि वृद्धावस्था में स्वस्थ बने रहने के लिए नियमित सुबह शाम टहले, पेट साफ रखें कम खाना और प्रर्याप्त पानी पीना, गरिष्ठ भोजन से परहेज करें सुपर एवं संतुलित भोजन एवं समय-समय पर हमें पैथिक चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। कोई भी दवा चिकित्सक के सलाह से ही इस्तेमाल करें। चिकित्सक अपना फोन नंबर भी जारी कर दिया है।
डॉ लक्ष्मी नारायण सिंह, होमियोपैथी अस्पताल, फतुहा, पटना, बिहार। फोन 9204090774

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