बिहार में 7 जनवरी से शुरू हुई जातीय-आर्थिक जनगणना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

पटना,11जनवरी।
बिहार में 7 जनवरी से शुरू हुई जातीय-आर्थिक जनगणना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक लोकहित याचिका दाखिल की गई है. सुप्रीम कोर्ट इस पर 13 जनवरी को  शुक्रवार को सुनवाई करेगा. एक वकील ने मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए याचिका लगाई. याचिका नालंदा के एक सामाजिक कार्यकर्ता अखिलेश कुमार ने दायर की है, जिसमें कहा गया है कि यह निर्णय केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है.।
जातीय जनगणना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहले दायर एक  याचिका,मपर  20 जनवरी को होगी सुनवाई।अधिसूचना को रद्द करने की मांग : पीठ में न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा ने मामले को शुक्रवार को सूचीबद्ध करने की याचिका को स्वीकार कर लिया. याचिका में जाति सर्वेक्षण के संबंध में बिहार सरकार के उप सचिव द्वारा जारी अधिसूचना को रद्द करने और संबंधित अधिकारियों को रोकने की मांग की गई है. इसमें कहा गया है कि जाति विन्यास के संबंध में संविधान में कोई प्रावधान नहीं है.याचिका दाखिल होने के बाद कोर्ट इस मामले पर सुनवाई करने के लिए तैयार गया है. इस मामले में शुक्रवार 20 जनवरी को सुनवाई होगी.।
500 करोड रुपए अनुमानित खर्च पर पांच महीने में यह अभियान पूरा होगा।दो चरणों में पूरा होने वाले इस अभियान में पहले घर-मकानों की गिनती होगी।दूसरे चरण में अप्रैल-मई में घर-घर जाकर जाति एवं परिवार के सदस्यों की गिनती,आय,रोजगार समेत 26 बिन्दुओं पर जानकारी ली जायेगी। जून में रिपोर्ट आयेगी।
उधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को मधुबनी में समाधान यात्रा के क्रम में जाति आधारित गणना से संबंधित लगे स्टॉल का जायजा लेने के क्रम में पर्यवेक्षकों से बातचीत के क्रम में कहा कि पहले चरण में घरों की गिनती होनी है। जाति आधारित गणना के क्रम में जाति के साथ-साथ परिवारों की आर्थिक स्थिति की जानकारी भी लेनी है। इसके अलावा बाहर रहनेवाले लोगों के विषय में भी स्थानीय लोगों के माध्यम से जानकारी संग्रहित करनी है ताकि उनकी संख्या और आर्थिक स्थिति की जानकारी मिल सके। कितने लोगों को बाहर जाना पड़ रहा है, यह पता चलेगा। उन्होंने कहा कि जाति आधारित गणना में एक-एक चीज के बारे में जानकारी इकट्ठा करनी है कोरोना काल में बाहर रहनेवाले सभी लोगों को आर्थिक मदद दी गयी उनके भोजन, समुचित इलाज एवं आवासन का प्रबंध भी कराया गया।
Top