नेपाल के संसदीय चुनाव में किसी भी दल को अकेले बहुमत नहीं,,देउबा और प्रचंड मिल बना सकते हैं सरकार
नेपाल के संसदीय चुनाव में किसी भी दल को अकेले बहुमत नहीं मिल पाया है। ऐसे में गठबंधन सरकार का बनना तय है। प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा की सत्तारूढ़ नेपाली कांग्रेस अब तक सामने आए नतीजों में 53 सीट पर जीत दर्ज करके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। देश की 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा की 165 सीट का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान से जबकि शेष 110 सीट का चुनाव आनुपातिक चुनाव प्रणाली के जरिए होता है. प्रतिनिधि सभा और सात प्रांतीय विधानसभाओं के चुनाव 20 नवंबर को हुए थे. मतों की गिनती सोमवार को शुरू हुई थी.
नेपाली कांग्रेस ने प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली के तहत अकेले 53 सीट जीती हैं, जबकि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) ने 42 सीट पर जीत दर्ज की है. इसके अलावा, सीपीएन-माओवादी सेंटर 17 सीट जीतकर तीसरी बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि सीपीएन-यूनिफाइड सोशलिस्ट ने 10 सीट जीती हैं.
नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने सात-सात सीटों पर कब्जा जमाया है. निर्दलीय उम्मीदवारों एवं अन्य छोटे दलों के खाते में 21 सीट गई हैं. 165 सीट में से 21 के नतीजे आने बाकी हैं.

पांच दलों के सत्तारूढ़ गठबंधन ने 85 सीटों पर जीत हासिल की हैं, जबकि सीपीएन-यूएमएल के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 55 सीट पर कब्जा जमाया है. प्रधानमंत्री और नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष देउबा के अलावा, तीन पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड, ओली और माधव नेपाल भी संसद के लिए चुने गए हैं.



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