कबीर साईं मन्दिर में आयोजित गुरूवारीय सत्संग



          

पटना, 24 नवम्बर ।
गुरूवारीय सत्संग में वृन्दावन की कथा वाचिका  राधा किशोरी जी ने कहा सद्गुरु की कृपा से ही जीवन सार्थक होता है।
जीवन को हम भगवान को अर्पण करके चले। संत कबीर बड़े भक्त थे। एक प्रसंग सुनाया जिसमें कबीर के आश्रम में वेश्या के लोगों ने सद्गुरु की कुटिया में आग लगा दी। भगवान ने वेश्या की कुटिया में आग लगा दी।
तेरा यार मेरे घर में आग लगाया। मेरा यार तुम्हारे घर मे आग लगा दिया। सद्गुरु कबीर का यार तो वह परमात्मा है।
इसलिए संसार के विषय से मन को हटाकर भगवान में अर्पित करके जीना चाहिए। सत्संग वही है जिससे अच्छा जीवन जीने का मार्ग मिले। 
प्रभु का स्मरण हर साँस में होना चाहिए।
पं0 वशिष्ठ और  बलराम कृष्ण जी ने भी अपने सत्संग से सत्संग लाभ दिया।
महन्थ ब्रजेश मुनि ने कहा जा भगवान सत्य हैं और सद्गुरु कबीर साहेब सत्यनाम का आधार लेकर जीने का आदेश देते है।सद्गुरु कहते हैं -
  साँच बराबर तप नहीं झूठ बराबर पाप।
 जाका हिरदा साँच है ताका हिरदा आप।।
इस अवसर पर रूबी, , निर्मला,  गजेंद्र झा  ने भजन गाकर भक्ति भाव जगाया। इस अवसर पर विवेक मुनि, डा0 इंद्रजीत, कर्षण मुनि उपस्थित थे

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