भारत के प्रथम मतदाता श्याम शरण नेगी का निधन , दो दिन पहले ही किया था मतदान
डा.निरंजन कुमार की रिपोर्ट 
नेशनल डेस्क।
पूरे देश के मार्गदर्शक एवं  युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने वाले देश के प्रथम मतदाता श्याम शरण नेगी का आज अहले सुबह निधन हो गया। उन्होंने इस दुनिया को छोड़ने से पहले अपनी अंतिम इच्छा मतदान करके पूरी की। उन्हें एहसास हो गया था कि अब इस दुनिया को छोड़कर जाना है तभी उन्होंने प्रशासन से मांग की थी कि दो नंवबर को घर से ही मतदान करेंगे। पुख्ता जानकारी के अनुसार उनसे जब प्रशासन ने पूछा कि आप कहां से मतदान करेंगे तब उन्होंने कहा था हर बार की तरह इस बार भी कल्पा प्राथमिक पाठशाला पोलिंग बूथ से ही मतदान करूंगा। लेकिन तबीयत ठीक न होने पर उन्हें लगा कि अब इस दुनिया से विदा लेना है। इसलिए उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की कि अब वे अपने घर से ही मतदान करेंगे। उन्होंने अंतिम बार इस विधानसभा में मतदान करके पूरे देश और किन्नौर के मतदाताओं को एक संदेश दिया है।
    किन्नौर के उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए कहा कि देश के प्रथम मतदाता श्याम शरण नेगी का निधन हो गया जो किन्नौर के साथ पूरे देश के लिए पीड़ा दायक है।  प्रशासन की ओर से उन्हें पूरा सम्मान दिया जाएगा। सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उनके अंतिम संस्कार में मौजूद रहेंगे। उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। 
       श्री नेगी के निधन की सूचना मिलते ही अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही लोगों तांता लगा हुआ है। वे अपने पीछे तीन सुपुत्र और पांच सुता समेत भरा - पूरा परिवार छोड़ गए हैं। 
    सन 1917 में जन्मे नेगी ने 1951 से लेकर अब तक 16 बार लोकसभा चुनाव में मतदान किया। 2014 से हिमाचल के चुनाव आइकन भी हैं। उन्होंने 1951 से हर चुनाव में मतदान किया। प्रथम मतदाता ने पहली बार घर के प्रांगण में बने डाक बूथ में एक लिफाफे में बंद कर मतपेटी में डाल दिया था। श्याम शरण नेगी न केवल हिमाचल बल्कि देश के आइकन रहे। 106 वर्ष की आयु होने के बाद भी मतदान करने के प्रति उनका जज्बा इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र के सुदृढ़ीकरण में एक - एक मत की कितनी ज्यादा महत्ता है। 
    उधर सीएम ने ट्वीट किया स्वतंत्र भारत के पहले मतदाता एवं किन्नौर से संबंध रखने वाले श्याम शरण नेगी जी के निधन की खबर सुनकर दुःखी हूं। उन्होंने अपना कर्तव्य निभाते हुए 34 वीं बार बीते 02 नवंबर को ही विधानसभा चुनाव के लिए अपना पोस्टल वोट डाला। यह याद हमेशा भावुक करेगी। ॐ शांति! ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकग्रस्त परिवारजनों को संबल प्रदान करें। उन्होंने उनके पोते से फोन पर बातचीत की और उन्हें 
     गौरतलब है कि पहले नेगी ने कहा था कि वह मतदान केंद्र में जाकर मतदान करेंगे , लेकिन स्वास्थ्य ठीक न होने के चलते घर से ही वोट डालना पड़ा। 34 वीं बार मतदान करने वाले नेगी ने पहली बार बुधवार को डाक मतपत्र के माध्यम से वोट डाला। जुलाई 1917 में जन्मे नेगी ने 1951 से लेकर अब तक 16 बार लोकसभा चुनाव में मतदान किया है। 2014 से हिमाचल के चुनाव आइकन भी हैं। नेगी ने 1951 से हर चुनाव में मतदान किया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने भी शतायु वोटर श्याम शरण नेगी को मतदान करने पर बधाई दी। 
   जिला निर्वाचन अधिकारी आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि नेगी को उनके घर के प्रांगण में बने डाक बूथ तक लाने के लिए रेड कारपेट बिछाया गया था। मतदान के बाद उनके वोट को एक लिफाफे में बंद कर मतपेटी में डाल दिया गया। इस अवसर पर नेगी को टोपी और मफलर भेंट कर सम्मानित किया गया। कहा कि वे न केवल हिमाचल बल्कि देश के आइकन हैं। हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। 106 वर्ष की आयु होने के बाद भी मतदान करने के प्रति उनका जज्बा इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र के सुदृढ़ीकरण में एक - एक मत की कितनी ज्यादा महत्ता है। नेगी के निधन से चहुंओर शोक व्याप्त है।

Top