बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष  अनिल सुलभ ने  साहित्यक पत्रिकारिता की समृद्ध परम्परा के क्षीण होते जाने पर जताई  चिंता
लोकार्पण समारोह
फतुहा,17जुलाई। फतुहा की  साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था जन साहित्य परिषद  के तत्वावधान में आज यहां आयोजित लोकार्पण समारोह का आयोजन हुआ।  दीपिका भारती  के  संपादन में  साहित्यकार तथा दूरदर्शन बिहार के  निदेशक डॉ ओमप्रकाश जमुआर, साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ अनिल सुलभ,रेल राजभाषा के निदेशक राजमणि मिश्र, कहानीकार अशोक प्रजापति, आदि ने समारोह में बतौर अतिथि भाग लिया ।
लोकार्पण समारोह में हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता:दवा और दिशा विषय पर जमकर चर्चा हुई जिसकी अध्यक्षता सुप्रसिद्ध लेखक एवं साहित्यिक यात्रा के संपादक प्रो कलानाथ मिश्र ने की।
समारोह में निर्धारित  विषय पर चर्चा करते हुए  डॉ ओमप्रकाश  जमुआर ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र की ताकत है। इसे एक सजग प्रहरी की तरह काम करना चाहिए।
बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष  अनिल सुलभ ने  साहित्यक पत्रिकारिता की समृद्ध परम्परा के क्षीण होते जाने पर  चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जनमानस पर साहित्यक  का गहरा प्रभाव पड़ता है। राजमणि मिश्र ने साहित्यक पत्रिकारिता की जरूरत को ‌ चिन्हित करते हुए  वर्तमान में इसकी स्थिति पर प्रकाश डाला।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ कलानाथ  मिश्र ने विभिन्न प्रसंगों के  जरिए  हिन्दी की  साहित्यिक पत्रकारिता के समक्ष उपस्थित चुनौतियों की विस्तृत चर्चा की तथा इस बात पर दिया कि  साहित्यिक जीने की कला है। साहित्यिक ही हमें वैचारिक समृद्धि प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि साहित्यि को समाज का दर्पण कहने से काम नहीं चल सकता है क्यों कि दर्पण में सिर्फ  चेहरा दिखाई पड़ता है , लेकिन साहित्य में आत्मा की आवाज़  होती है। इनके अलावे श्यामनंदन यादव, अशोक प्रजापति,अमित कुमार, जैनेन्द्र कुमार, दीपिका भारती,श्ववेता शेखर,सीरा प्रसार, राजेन्द्र राज, मनीषा कुमारी आदि। समारोह का संचालन प्रसिद्ध  कथाकार रामयतन यादव ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ लक्ष्मी नारायण सिंह ने किया।

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