पश्चिम बंगालः सत्ता में आने की मुरीद नहीं पूरी होने पर बीजेपी के दो विधायकों ने इस्तीफा दिया
बीजेपी के पास अब पश्चिम-बंगाल से सांसदों की संख्या जस की तस 18 रहेगी.
 
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने की मुरीद नहीं पूरी होने के बाद भाजपा के दो सांसदों ने  विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के 10 दिनों के भीतर विधायक छोड़कर सांसद ही बने रहना का विकल्प चुना है ।
भाजपा सासंद निशीथ प्रमाणिक ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कूच बिहार सीट से सांसद रहने का विकल्प चुनाहै।  दिनहाटा विधानसभा सीट से निशीथ प्रमाणिक ने टीएमसी के उदयन गुहा को 57 वोटों से हरा दिया था.  
 बीजेपी के एक और लोकसभा सदस्य जगन्नाथ सरकार ने भी शांतिपुर सीट से विधायक चुने जाने के बावअपने पद से इस्तीफा दे दिया. वे   2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर सांसद चुने गए थे. दोनों नेताओं के इस्तीफे के बाद बंगाल विधानसभा में बीजेपी के सदस्यों की संख्या 77 से घटकर 75 हो गई है. 
दिनहाटा और शांतिपुर में अब विधानसभा के उपचुनाव कराए जाएंगे.

 शांतिपुर में टीएमसी के 6 बार के विधायक रहे अजय डे को बीजेपी के सांसद जगन्नाथ सरकार ने 16 हजार वोटों से हराया था . 
भाजपा ठ अपने  पांच सांसदों को विधानसभा के  चुनावी मैदान में उतारी थी।  "बीजेपी के 140 उम्मीदवार टीएमसी के पूर्व नेता थे. उज तीन सांसद- केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, लॉकेट चटर्जी और स्वपन दासगुप्ता विधानसभा चुनाव हार गए.


सीएम ममता बनर्जी के अपनी पुरानी  भवानीपुर सीट छोड़कर नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ने के फैसले के बाद शोभनदेव चट्टोपाध्याय को उम्मीदवार बनाया गया था और उन्होंने आसानी से भवानीपुर की चुनावी सीट जीत ली.

 दिनहाटा और शांतिपुर के अलावा राज्य की तीन और सीटों पर विधानसभा चुनाव होंगे. ये सीटें हैं- जंगीपुर, शमशेरगंज और खरदाह। इन सीटों पर विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी उम्मीदवारों की मौत हो गई थी, जिसके बाद चुनाव को स्थगित कर दिया गया. टीएमसी को उम्मीद है कि वह अपने विधायकों की संख्या को 217 तक ले जा सकती है.




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