बिहार में आरटीपीसीआर से जांच की क्षमता में ढाई से तीन गुना की होगी बढ़ोतरी: अश्विनी चौबे

                  
- बिहार के विभिन्न जिलों में  आरटीपीसीआर लैब किया जाएगा इंस्टॉल

- पहले फेज में एम्स सहित विभिन्न मेडिकल कॉलेज में आरटीपीसीआर की क्षमता को किया गया था अपग्रेड

पटना, 23 मई ।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि बिहार में आरटी पीसीआर से कोरोना की जांच की क्षमता को ढाई से तीन गुना बढ़ाया जाएगा। इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। और इसे शीघ्र ही मूर्त रूप दे दिया जाएगा।
दूसरे फेज में 6 जिलों में आरटी पीसीआर लैब लगाया जाएगा। साथ ही एम्स पटना एवं नालंदा के पावापुरी स्थित वर्धमान इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस में एक-एक आरएनए एक्सट्रैक्शन मशीन को भी इंस्टॉल किया जाएगा। राज्य में कोरोना के जांच की गति को बढ़ाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार की एजेंसियों से सारी रिपोर्ट लेने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी।

जारी प्रेस विज्ञप्ति में श्री चौबे ने कहा कि राज्य में आरटीपीसीआर से जांच की गति बढ़ाने के लिए हर संभव कदम केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा उठाया जा रहा है। राज्य व देश मे तेजी से जांच की गति भी बढ़ी है। देश में प्रतिदिन 20 लाख से अधिक का टेस्ट हो रहा है। बिहार में पहले फेज में एम्स सहित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज गया, दरभंगा मेडिकल कॉलेज, जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल मधेपुरा, जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज भागलपुर, आईजीआईएमएस पटना, पीएमसीएच, राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज पटना, श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज मुजफ्फरपुर में आरटीपीसीआर की क्षमता अपग्रेड किया गया गया था। पीएम केयर्स फंड से मोतिहारी पूर्णिया एवं मुंगेर में आरटीपीसीआर लैब को मूर्त रूप दे दिया गया है। अगले कुछ दिनों में बक्सर, कैमूर , गोपालगंज, बांका जिला अस्पताल, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज बेतिया, वर्धमान इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस पावापुरी नालंदा में आरटी पीसीआर लैब की स्थापना की कवायद शुरू कर दी जाएगी। एम्स पटना एवं वर्तमान इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस पावापुरी नालंदा में आरएनए एक्सट्रैक्शन मशीन भी स्थापित होगा। 

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री चौबे ने बताया कि आरटीपीसीआर की व्यवस्था बिहार के अन्य जिलों में होने से जांच का परिणाम भी तेजी से आएगा। जो लक्ष्य केंद्र सरकार का है कि राज्य अधिक से अधिक आरटीपीसीआर जांच करें उसमें भी काफी मदद मिलेगी। कैमूर, गोपालगंज, बेतिया, बांका, नालंदा, बक्सर आदि जगहों पर पर भी आरटीपीसीआर की व्यवस्था होने से जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को काफी सहूलियत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार कोरोना कि विरुद्ध जंग में सभी आवश्यक कदम उठाए हुए हैं। केंद्र एवं राज्य निरंतर सभी स्थितियों पर पैनी नजर रखे हुए हैं। जांच की गति को भी तेज किया गया है और लोगों को शीघ्र रिपोर्ट मिले इसके लिए भी राज्य एवं केंद्र ने व्यापक कदम उठाए हैं। इस कड़ी में विभिन्न जिलों में आरटीपीसीआर लैब की स्थापना की जा रही है। इससे भविष्य में भी अन्य रोगों की जांच की जाएगी।


                             

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