बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने जनसंख्या नियंत्रण के लिए महिलाओ  की शिक्षा पर फिर दिया जोर


पटना,19 जुलाई। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने आज यहां जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत की। जनसंख्या
नीति को लेकर शिवसेना नेता की बिहार में भाजपा से बिहार सरकार से समर्थन वापस लेने की मांग को लेकर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने कहा कि हम ऐसे लोगों की बातों का नोटिस नहीं लेते हैं। स्व0 सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले को जब हमलोगों ने सीबीआई को दिया था उस समय भी ये लोग ऐसी ही बात करते थे। ऐसे लोगों की बात पर ध्यान देने की जरुरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछली बार जनसंख्या नीति पर पत्रकारों के सवाल पर जवाब देते हुए हमने कहा था कि इसको लेकर क्‍या करना चाहिए जो सबसे इफेक्टिव होगा। कौन राज्य इसको लेकर क्‍या करेगा इस पर हमको कुछ नहीं कहना है। पिछली बार भी हमने बताया था कि महिलाओं को पढ़ाने से जनसंख्या पर कंट्रोल करने में सहूलियत होती है। पूरे देश और बिहार के सर्वे में ये बात सामने आयी थी कि अगर पति-पत्नी में पत्नी मैट्रिक पास है तो औसत प्रजनन दर 2 है। इसी तरह अगर पत्नी 42वीं पास है तो देश का औसत प्रजनन दर 4.7 है जबकि बिहार का औसत प्रजनन दर और बेहतर 4.6 है। इसी को लेकर यूरेका की भावना आई और हमने सभी पंचायतों में प्लस टू तक का विद्यालय बनाने का निर्णय लिया। ज्यादातर पंचायतों में प्लस दू तक का विद्यालय शुरु हो चुका है। जिन जगहों पर जमीन की समस्या थी, वहां के मीडिल स्कूल को ही उत्क्रमित कर प्लस टू तक कर दिया गया है। इसके कारण बिहार के प्रजनन दर में कमी आई है। पहले बिहार का प्रजनन दर 4 था जो अब घटकर 3 हो गया है। उन्होंने कहा कि अगर महिला शिक्षित होगी तो प्रजनन दर घटेगा, यही हमारी फीलिंग है। हमलोग बिना वजह किसी पर बोलते नहीं हैं। सबको अपना-अपना विचार व्यक्त करने का अधिकार है।

दिल्ली बॉर्डर पर लंबे समय से चल रहे किसान आंदोलन को लेकर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये कुछ राज्यों की बात है। कुछ इलाकों में नई कृषि नीति को लेकर विरोध है। इसको लेकर आपस में कई बार बातचीत भी हुई है। कोरोना के दौर में निरंतर आंदोलन करना ठीक नहीं है। मेरा सबसे अनुरोध है कि कोरोना के इस दौर में इतनी तादाद में जमा होकर आंदोलन करना ठीक नहीं है। कोरोना के पहली और दूसरी लहर को झेलने के बाद अब तीसरी लहर की संभावना व्यक्त की जा रही है। ऐसे में हमें सचेत रहने की जरुरत है। हर किसी को अपनी बात को रखने का अधिकार है। केंद्र सरकार ने कई बार बातचीत की है। आगे भी बातचीत कर लें। ये समस्या कुछ इलाकों की है। केंद्र सरकार की कृषि नीति, किसी के खिलाफ नहीं है लेकिन कई इलाकों के लोगों के मन में इसको लेकर अलग-अलग भावना है तो फिर से बातचीत कर इसका समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने
कहा कि बिहार में कृषि के क्षेत्र में काफी काम किया गया है। यहां किसानों से प्रोक्योरमेंट काफी
ज्यादा किया जा रहा है। इस बार बिहार में गेंहू का भी बेहतर ढ़ंग से प्रोक्योरमेंट किया गया है। बिहार में किसानों की उत्पादकता बढ़ी है और हमलोगों ने उसका प्रोक्योरमेंट शुरू किया है। यहां
पर हमलोगों ने शुरू से ही काम किया है। सभी लोगों को आजाद कर दिया गया है कि कोई भी अपना उत्पादन जहाँ चाहें, वहॉ बेचें। सबको पता है कि हमलोग कितनी तेजी से प्रोक्योरमेंट कराते हैं और लोगों को इसका लाभ मिलता है। यहां हर चीज पर नजर रखी जाती है।

पत्रकारों, मंत्रियों के फोन टैपिंग के संबंध में पूछे गये सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सब अच्छी बात नहीं है। मेरे हिसाब से किसी को इस तरह से डिस्टर्ब करना
अच्छी बात नहीं है, ये बिल्कुल बेकार बात है। फोन टैपिंग को लेकर पार्लियामेंट में हो रहे हंगामे के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम तो शुरू से ही कह रहे हैं कि ये जो नई टेक्नोलॉजी आई है इसके नफे नुकसान पर भी गौर करना चाहिये। ये जो करोना आया है इसमें एक के बाद दूसरा, दूसरे के बाद तीसरे की संभावना, ऐसा क्‍यों हो रहा है ? टेक्नोलॉजी का लाभ लोगों को
मिलता है लेकिन उसका लोग दुरुपयोग भी करते हैं। दोनों चीजें होती हैं। सोशल मीडिया का कितना इम्पैक्ट है लेकिन उस सोशल मीडिया पर कोई अच्छी बात करता है तो बहुत लोग निगेटिव बात करते हैं। एंटी सोशल काम करते हैं। इसके लिये क्या किया जा सकता है ?
तेल की बढ़ती कीमतों को कम करने के लिये टैक्स कम करने के संबंध में पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हमने इसपर गौर नहीं किया है, रेट तो बढ़ रहा है लेकिन आपलोग जो सुझाव दे रहे हैं तो इस पर परामर्श किया जा सकता है। आपस में पहले हमलोग बात करेंगे, उसके बाद उसका क्‍या रास्ता है, किस तरह से लोगों को राहत मिल सकती है, उस पर गौर करेंगे।
 एनआरसी से संबंधित सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के बारे में आप अच्छी तरह से जानते हैं, बिहार में इसकी कोई समस्या ही नहीं है।





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