बिहार: अपने प्रधान सचिव की कथित मनमानी से क्षुब्ध समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी की इस्तीफा की पेशकश

पटना,01 जुलाई। समाज कल्याण विभाग में तबादले को लेकर मंत्री मदन सहनी और प्रधान सचिव अतुल प्रसाद के बीच मतैक्य नहीं होने के कारण मंत्री ने आज इस्तीफे की पेशकश की,कहा जो काम मंत्री का,वो अफसर कर रहे, इस अपमान के साथ रहना उचित नहीं।
मंत्री मदन सहनी ने  मीडिया से बात करते हुए कहा कि जो ट्रांसफर- पोस्टिंग मंत्री स्तर पर होना चाहिए था, वो अफसर कर रहे हैं. अब इस अपमान के साथ मंत्री पद पर रहना उचित नही हैं।

समाज कल्याण मंत्री ने  क्षुब्ध स्वर में कहा कि नीतीश सरकार में मंत्रियों की कोई पूछ नहीं है। विभाग के प्रधान सचिव अतुल कुमार पर मंत्री ने आरोप लगाया कि चार साल से एक ही जगह जमे हैं, अब तक क्या किया, यह किसी को मालूम नहीं।कुछ कहने पर सुनते नहीं हैं। इसलिए अब मेरे पास इस्तीफे के अलावा कोई चारा नहीं है।
मदन साहनी ने  कहा कि मैंने इस बारे में सीएम के सचिव, चंचल कुमार को भी फोन किया था लेकिन वह फोन उठाते ही नहीं हैं। मैंने सोचा नंबर नया देख के नहीं उठा रहे हैं तो उनको मैसेज भी किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दीपक कुमार, संजय झा, अशोक चौधरी, आरसीपी सिंह सबको कहा। 
.उन्होंने यह भी कहा कि पिछली बार जब खाद्मंय आपूर्ति मंत्री बना तो ऐसा ही सचिव था। बात नहीं सुनता था। इस बार सोचा कि ढंग का सचिव होगा लेकिन ये तो उससे भी दो कदम आगे निकल गये। इनको आंगनबाडी चलने में इंटरेस्ट नहीं है लेकिन ट्रांस्फर पोस्टिंग में इंटरेस्ट है। हमने कहा कि कोरोना है ट्रांस्फर मत कीजिए, ये बोले करेंगे। तीन साल की सूची भेज दिये। अब जब हम सूची भेज दिये तो उसे दबा के बैठे हैं। 

उन्होंने यह भी कहा कि अब बर्दाश्त नहीं होता। यहां तक कह दिया कि हमें अफसरशाही से तकलीफ है। जो अच्छा लगता है, वहीं करते हैं। हम पहले भी बोले थे। जिसके पास थोड़ी सी भी जमीर होगी, वह मंत्री नहीं रहेगा। 

उन्होंने पटना स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अधिकारियों की तानाशाही अब उन्हें बर्दाश्त नहीं हो रही है। इसलिए उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे देने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि इस पद पर रहकर जब हम कोई काम नहीं कर सकते, किसी गरीब का भला नहीं कर सकते और कोई सुधार का काम नहीं कर सकते तो केवल सुविधाओं को भोगने के लिए मंत्री पद पर बने रहें, यह हमें कहीं से अब मुनासिब नहीं लगता इसलिए मंत्री पद से अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को सौंप देंगे।
पूछे जाने पर उन्होंने कहा,  गुस्सा की कहां बात है। आपकी कोई नहीं सुनेगा तो गुस्सा नहीं आएगा क्या । सहनी ने कहा कि पार्टी और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बने रहेंगे और उन्होंने जो पहचान दी है उसे जीवन भर याद रखेंगे।

यह बिहार सरकार के समाज कल्याण मंत्री मदन साहनी ने इस्तीफे की घोषणा कर दी है। मदन सहनी ने अपने विभाग के अधिकारियों पर ‘‘तानाशाही’’ रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि वह मंत्री पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं।


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